
मुंबई। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने रत्नागिरी जिले के अंबाडवे में स्थित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के मूल निवास और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर को पहले और दूसरे चरण के विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने को कहा है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री शिरसाट ने कहा कि यह स्थान ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके विकास में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में राज्य मंत्री योगेश कदम, सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव हर्षदीप कांबले, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयुक्त दीपा मुधोलकर और रत्नागिरी के जिला कलेक्टर एम. देवेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। मंत्री ने निर्देश दिया कि स्मारक के साथ-साथ क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियाँ भी बार्टी के सहयोग से शुरू की जाएं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया स्थानीय नागरिकों को विश्वास में लेकर की जाए और परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला-स्तरीय कार्यकारी समिति का गठन किया जाए। उन्होंने प्रशासन को स्मारक के लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान, वास्तुकार की नियुक्ति, निर्माण योजना, चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन और मौजे अंबाडवे के नागरिकों के पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सभी कार्यों के प्रस्ताव दो चरणों में प्रस्तुत करने होंगे ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।




