
मुंबई। कृषि विभाग की ओर से किसानों के ज्ञानवर्धन और आधुनिक कृषि तकनीकों के अध्ययन के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘शेतकरी विदेश अध्ययन दौरा योजना’ के अंतर्गत विदेश रवाना हुए किसानों से कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विदेशों में अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों का गहन अध्ययन कर उसका अनुभव राज्य के अन्य किसानों तक पहुंचाएं। कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के अंतर्गत तीन विदेश अध्ययन दौरे आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें यूरोप, इज़राइल तथा मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस शामिल हैं। इसी क्रम में 17 जनवरी 2026 को मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस का संयुक्त अध्ययन दौरा आयोजित किया गया है। इस दौरे के लिए चयनित किसान पुणे से मुंबई के रास्ते विदेश रवाना हुए। इस अध्ययन दौरे में राज्य के 15 प्रगतिशील किसान, कृषि विभाग के एक अधिकारी तथा एक ट्रैवल कंपनी प्रतिनिधि शामिल हैं। दौरे के दौरान किसानों को आधुनिक खेती पद्धतियों, संरक्षित खेती, कृषि प्रसंस्करण उद्योग, निर्यातोन्मुख उत्पादन तकनीक, विभिन्न देशों की कृषि प्रबंधन और विपणन प्रणालियों का प्रत्यक्ष अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इस अनुभव से राज्य की खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 2019 के बाद यह पहला विदेश अध्ययन दौरा है। कृषि विभाग ने एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी रूप से लागू करना शुरू किया है। विभाग को विश्वास है कि इस पहल से किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी और महाराष्ट्र की कृषि को नई दिशा प्राप्त होगी।



