
पुणे। बदलते जलवायु परिवेश और बढ़ती कृषि चुनौतियों के मद्देनज़र किसानों की समस्याओं का समाधान आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उन्हें सीधे खेतों तक पहुंचाने में है—यह स्पष्ट संदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘पुणे एग्री हैकाथॉन’ के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में दिया। उन्होंने कहा कि सिंचाई, फसल कटाई, फसल छिड़काव, कीट प्रबंधन, ड्रायर तकनीक और एआई-आधारित कृषि रोबोट जैसी उन्नत तकनीकों से कृषि में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। इन तकनीकों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलकर किसानों तक पहुंचाना कृषि विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग से आग्रह किया कि राज्यभर में इस प्रकार के एग्री हैकाथॉन आयोजित किए जाएं तथा कृषि कॉलेजों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएं, जिससे नवाचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित कर कृषि क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाई जा सके। उन्होंने इस तथ्य पर बल दिया कि देश के लगभग 30 से 32 प्रतिशत स्टार्टअप कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र में कार्यरत है—यह राज्य को कृषि नवाचारों का राष्ट्रीय केंद्र बना सकता है। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘स्वच्छ पौधा’ कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसके तहत देश में 9 रोगमुक्त पौध केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से तीन केंद्र महाराष्ट्र में—पुणे (अंगूर), नागपुर (संतरा), और सोलापुर (अनार)—स्थापित होंगे। इस योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें बड़ी नर्सरियों को 3 करोड़ और मध्यम आकार की नर्सरियों को 1.5 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। इस कार्यक्रम से हर साल 8 करोड़ रोगमुक्त पौधे तैयार होंगे, जिससे राज्य का बागवानी क्षेत्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत, जल संकट और घटती जनशक्ति जैसी समस्याओं को देखते हुए सरकार को चाहिए कि वह कम लागत और अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों को प्राथमिकता दे और उन्हें किसानों के खेत तक शीघ्र पहुंचाए। उन्होंने कहा कि कृषि हमेशा से देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है और इसे नई तकनीक एवं योजनाओं से सशक्त करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, रोजगार गारंटी योजना व उद्यानिकी मंत्री भरत गोगावले, कृषि विभाग के प्रधान सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे, विभागीय आयुक्त कविता द्विवेदी, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी सहित अनेक अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




