
झांसी, उत्तर प्रदेश। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी के समाज कार्य विभाग और महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को टी.बी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोष्टिक सामग्री प्रदान करने और नौ माह तक स्वास्थ्य मूल्यांकन तथा पोषण सहायता देने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यू. एन. सिंह ने क्षय रोग के बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए इस सामाजिक पहल की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों और विश्वविद्यालय के समस्त कर्मियों को इस नेक कार्य के लिए बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए क्षय रोग से मुक्ति की दिशा में योगदान देना चाहिए ताकि स्वस्थ, समृद्ध और उज्जवल भारत का निर्माण हो सके। कुलसचिव श्री राजबहादुर ने भी इस अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में कला संकाय अध्यक्ष प्रो. मुन्ना तिवारी, महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक डॉ. अचला पाण्डेय, समाज कार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. यतीन्द्र मिश्र सहित कई अन्य प्रोफेसर, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन टी.बी अभियान नोडल डॉ. नेहा मिश्रा ने किया जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. गुंजा चतुर्वेदी ने किया। यह अभियान बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी सार्थक योगदान दे रहा है।




