
मुंबई। शहर के निचले इलाकों में भारी बारिश से हुए जलभराव के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को बीएमसी की तैयारियों और सड़क निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक “घोटाले” के कारण मुंबई की सड़कें जर्जर हो गई हैं और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) राज्य सरकार द्वारा संचालित हो रही है और चुनाव न होने की वजह से कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव न होने का सीधा असर जवाबदेही की कमी के रूप में सामने आ रहा है। ठाकरे ने मांग की कि हालात से निपटने के लिए अतिरिक्त नगर आयुक्तों को सीधे सड़कों पर उतरना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बीएमसी को पिछले दो दिनों से बारिश की चेतावनी और अलर्ट पहले ही मिल चुके थे, बावजूद इसके तैयारी नज़र नहीं आई। ठाकरे ने पूछा– कितने पंप चालू किए गए? कितने पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से काम कर रहे थे? इस साल कितने नए जलभराव वाले स्थान सामने आए और क्यों? पूर्व मंत्री ने याद दिलाया कि मई में भी केवल 10 मिनट की बारिश में अंधेरी सबवे और सीप्ज़ इलाके में पानी भर गया था, जिससे यह साबित होता है कि व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उम्मीद है बीएमसी सिर्फ आपदा प्रबंधन कक्ष में नेताओं और अधिकारियों की तस्वीरें दिखाने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस कदम उठाएगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के एक अधिकारी के अनुसार, सोमवार को मुंबई के कई हिस्सों में नौ घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उपनगर विक्रोली में सबसे ज़्यादा 135 मिमी वर्षा हुई, जिसके कारण कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।




