
पंजाब। बीती रात पंजाब पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 13 महीनों से धरने पर बैठे किसानों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए किसानों के शेल्टर्स तोड़ दिए और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर समेत 200 से ज्यादा किसानों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद दोनों बॉर्डर्स को पूरी तरह खाली करा दिया गया।
बैठक से लौटते वक्त किसान नेताओं की गिरफ्तारी
डल्लेवाल और पंधेर को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चंडीगढ़ में हुई बैठक से लौट रहे थे। इस घटना को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा पर मिलीभगत के आरोप लगाए, वहीं आप ने सफाई दी है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि बॉर्डर्स के बंद रहने से युवा और व्यापारियों को परेशानी हो रही थी, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “जब किसानों के खिलाफ तीन काले कानून लाए गए थे, तब हमने उनका विरोध किया था। मैंने किसानों के मुद्दे पर राज्यसभा से सस्पेंड होना भी मंज़ूर किया था।
‘हमने हमेशा किसानों का साथ दिया’
संजय सिंह ने आगे कहा, किसानों की मांग एमएसपी की गारंटी है, जिसे केंद्र सरकार चाहे तो आधे घंटे में पूरा कर सकती है। किसान भाई तय करें कि महीनों तक पंजाब के लोगों का रास्ता रोककर रखा जाए, ये कहां तक सही है? हमने हमेशा किसानों का साथ दिया है। जब केजरीवाल सरकार से स्टेडियम को जेल में बदलने के लिए मांगा गया था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। इस कार्रवाई से किसानों में रोष है और पंजाब के राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है। किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए आपात बैठक बुलाई है।




