
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत प्रवास को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो पार्टी पिछले 15 वर्षों से बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीति करती रही है, वही आज एक बांग्लादेशी नेता को भारत में शरण और मेहमाननवाज़ी क्यों दे रही है।
आईपीएल विवाद के बाद उठा राजनीतिक सवाल
दरअसल, आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने को लेकर छिड़े विवाद के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बड़ा फैसला लेते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने को कहा। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शेख हसीना को शरण दिए जाने को लेकर सवाल खड़े किए। इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं द्वारा जानकारी साझा किए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब तो प्रधानमंत्री को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी वापस भेज देना चाहिए। उन्होंने भाजपा के पुराने रुख को याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेता पिछले डेढ़ दशक से यह आरोप लगाते रहे हैं कि बांग्लादेश सरकार ने लाखों घुसपैठियों को भारत भेजा है, जिससे देश की जनसांख्यिकी बदल रही है और आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
भाजपा के पुराने आरोपों पर तंज
भारद्वाज ने सवाल किया, “अगर शेख हसीना की सरकार ने वास्तव में भारत में घुसपैठ करवाई, तो आज मोदी सरकार उन्हें दुश्मन मानने के बजाय मेहमान की तरह क्यों रख रही है?” उन्होंने कहा कि भाजपा के दावों और मौजूदा रवैये में साफ विरोधाभास नजर आता है।
‘बिरयानी’ तंज और दोहरे मापदंड का आरोप
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं दूसरी ओर जिस नेता पर घुसपैठ बढ़ाने के आरोप लगाए गए, उसे सुरक्षित ठिकानों पर रखा गया है। सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार शेख हसीना को बिरयानी क्यों खिला रही है?” उनका इशारा भाजपा द्वारा अतीत में इस्तेमाल किए गए ‘बिरयानी’ वाले तंज की ओर था, जो विपक्षी नेताओं के खिलाफ अक्सर सुनने को मिला है।
प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे मामले पर देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। वोट बैंक की राजनीति के लिए ‘घुसपैठिया’ शब्द का इस्तेमाल करने वाली पार्टी आज उसी सरकार की मुखिया को पनाह दे रही है, जिसे वह पहले जिम्मेदार ठहराती थी। गौरतलब है कि शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद से भारत में रह रही हैं। उनकी मौजूदगी और इस पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।




