
‘राम के आदर्श ही समाज को देंगे सही दिशा’: डॉ.संदीप सरावगी
झाँसी, उत्तर प्रदेश। जनपद में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से श्रीराम कथा सप्ताह ज्ञान का भव्य आयोजन मा मंगला भवानी मंदिर समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं को श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और भक्ति का संदेश प्रदान किया जाएगा। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध कथा वाचक धर्ममूर्ति देवी अंजनेश्वरी देवी मिश्रा द्वारा किया जा रहा है, जो अपनी मधुर वाणी और गहन आध्यात्मिक ज्ञान से भक्तों को भावविभोर कर रही हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष मुकेश गौर एवं उपाध्यक्ष आनंद सोनी के नेतृत्व में इस कार्यक्रम की व्यापक तैयारियां की गयी, जिससे यह आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
रविवार को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संदीप सरावगी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने कहा श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन को सही मार्ग दिखाने वाला एक दिव्य माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्श सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने त्रेतायुग में थे। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों में नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। विशेष रूप से युवाओं को श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और संस्कारों को अपनाना चाहिए। मैं माँ मंगला भवानी मंदिर समिति के सभी पदाधिकारियों एवं आयोजकों को इस भव्य और प्रेरणादायक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। यह आयोजन निश्चित रूप से समाज में एकता, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करेगा। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूँ कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएं।
कार्यक्रम की शुरुआत 17 मार्च को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना। कथा का आयोजन निर्धारित तिथियों पर प्रतिदिन किया रहा है, जिसमें दोपहर से लेकर सायंकाल तक भक्तगण कथा श्रवण कर लाभ ले रहे हैं। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगा। आयोजन समिति ने समस्त नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने और श्रीराम कथा का श्रवण करने की अपील की है, ताकि सभी को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सके।




