
इंद्र यादव
मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने आस्था, अध्यात्म और समाज के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। खुद को ‘कैप्टन’ बताने वाले स्वघोषित ज्योतिषी अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है।
पेन ड्राइव में कैद ‘अपराध’ का नेटवर्क
पुलिस छापेमारी के दौरान बरामद एक पेन ड्राइव में 58 आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने केबिन में महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हरकतें करता था और उन्हें गुप्त कैमरों में रिकॉर्ड करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी महिलाओं को ‘ग्रह शांति’, ‘वैवाहिक समस्या समाधान’ और ‘आर्थिक संकट दूर करने’ जैसे बहानों से अपने जाल में फंसाता था। आरोप है कि वह प्रसाद या पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िताओं को अर्ध-बेहोशी की हालत में ले आता और फिर उनका शोषण करता था।
‘हाई-प्रोफाइल’ कनेक्शन की जांच
यह मामला अब केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संभावित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप एंगल की भी जांच हो रही है। आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई प्रभावशाली लोगों के साथ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह आशंका जताई जा रही है कि वीडियो का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया गया हो सकता है।
‘कैप्टन’ का नकाब और अंधविश्वास का जाल
करीब 67 वर्षीय आरोपी ने खुद को रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीता। उसने धार्मिक और ज्योतिषीय गतिविधियों के नाम पर एक ट्रस्ट भी बनाया और अंकशास्त्र व ‘जादू-टोना’ जैसे तरीकों का सहारा लेकर लोगों को अपने प्रभाव में लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं सहित आईटी एक्ट और अंधश्रद्धा विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़ितों की संख्या बढ़ने की आशंका
पुलिस का मानना है कि सामने आए 58 वीडियो केवल एक हिस्सा हो सकते हैं और वास्तविक पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कई महिलाएं सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने संभावित पीड़ितों से अपील की है कि वे बिना डर के आगे आएं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और हर संभव कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। यह मामला केवल एक व्यक्ति के अपराध का नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता का आईना है जहां अंधविश्वास, डर और निजी समस्याओं का फायदा उठाकर लोग शोषण का शिकार बन जाते हैं। अब देखना यह होगा कि जांच में और कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होते हैं और पीड़ितों को कितना न्याय मिल पाता है।




