
मुंबई। पुणे शहर में शिक्षा और रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा आते हैं। इनके कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत एक कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, ऐसी घोषणा मंत्री उदय सामंत ने आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के उत्तर में की।
फुरसुंगी और उरुली देवाची को मिला ‘ए’ श्रेणी का दर्जा
सदस्य विजय शिवतारे ने पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) में नव शामिल गांवों की समस्याओं को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत की। इस चर्चा में सदस्य भीमराव तापकीर भी शामिल हुए।
मंत्री सामंत ने बताया कि फुरसुंगी और उरुली देवाची गांवों को पुणे महानगरपालिका से अलग कर एक स्वतंत्र नगर परिषद के रूप में स्थापित किया गया है। कोंकण विभागीय आयुक्त की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए इस नगर परिषद को ‘ए’ श्रेणी का दर्जा दिया जाएगा। जब तक पुणे महानगरपालिका से सेवाओं का हस्तांतरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कार्य जारी रहेगा। नवीन रूप से शामिल गांवों में संपत्ति कर दोगुना नहीं किया जाएगा। इन गांवों का संपत्ति कर पहले के ग्राम पंचायत कर की दोगुनी सीमा से अधिक नहीं होगा, और जब तक इस कर की पुनः समीक्षा नहीं हो जाती, इसकी वसूली स्थगित कर दी गई है।
कचरा डिपो और जल आपूर्ति की समस्याओं का समाधान
मंत्री सामंत ने आश्वासन दिया कि फुरसुंगी कचरा डिपो के कारण नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। जांभुलवाड़ी तालाब से जल आपूर्ति योजनाओं के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी और तालाब का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
32 गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए होगी बैठक
इसके अलावा, पुणे महानगरपालिका में हाल ही में शामिल किए गए 32 गांवों की समस्याओं को हल करने के लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि फुरसुंगी और उरुली देवाची में नागरिकों की सुविधा के अनुसार जल आपूर्ति का समय निर्धारित किया जाएगा।




