
मुंबई, 17 फरवरी: अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से देश और विदेश के बाजारों में फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की उपलब्धता तथा खरीद-बिक्री से जुड़ी हर पल की अद्यतन जानकारी किसानों तक तेज गति से पहुंचाने के लिए नई व्यवस्था विकसित की जाएगी। यह निर्देश विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की सही जानकारी मिल सकेगी और वे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपने उत्पाद बेच सकेंगे। मंगलवार को सह्याद्री अतिथि गृह में महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन मंडल की संचालक मंडल बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि किसानों को उनके कृषि उत्पादों का उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए तकनीक आधारित मजबूत विपणन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे बाजार की स्थिति, कृषि उत्पादों की आवक और कीमतों की वास्तविक समय की जानकारी किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि कई बार बाजार की सही जानकारी नहीं होने से अफवाहें फैलाकर कृषि उत्पादों के दाम गिरा दिए जाते हैं, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान होता है। इसलिए बाजार संबंधी हर पल की जानकारी अपडेट रखकर उसे किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना आवश्यक है। मंत्री रावल ने एशियाई विकास बैंक के सहयोग से आधुनिक तकनीक पर आधारित परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि उपज बाजार समितियों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्यवाही करने को कहा गया। फलों और सब्जियों की उपलब्धता तथा बाजार भाव की जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए व्यापक रूप से प्रसारित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने भौगोलिक मानांकन के आधार पर कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग कर उनके प्रचार-प्रसार की बात कही। उत्पादक, विक्रेता और निर्यातकों के लिए मार्गदर्शन मेले आयोजित किए जाएंगे, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत आम महोत्सव, संतरा महोत्सव और मिलेट महोत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। काजू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ठाणे जिले सहित काजू उत्पादक क्षेत्रों में 10 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अधिकतम काजू भंडारण गोदाम बनाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बापगांव (ठाणे) और कालडोंगरी (नागपुर) परियोजनाओं की प्रगति, किसान भवन योजना, संतरा केंद्र स्थापना, प्रशिक्षण योजनाएं, बाजार समितियों को मजबूत करने और काजू प्रक्रिया परियोजना जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश जारी किए गए।




