
मुंबई। मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में पुलिस ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स का दुरुपयोग कर देशभर में फैले एक बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस सुनियोजित गिरोह पर अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। खास बात यह है कि इस गैंग में कई महिलाएं भी शामिल थीं, जो फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। मीरा रोड पुलिस ने इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर आकर्षक और भरोसेमंद दिखने वाली फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। गैंग की महिला सदस्य पहले पीड़ितों से दोस्ती करतीं, फिर शादी का झांसा देकर भावनात्मक रूप से उन्हें अपने करीब लाती थीं। धीरे-धीरे भरोसा जीतने के बाद पीड़ितों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए उकसाया जाता था। ठगी को असली और भरोसेमंद दिखाने के लिए आरोपियों ने प्रोफेशनल वेबसाइट्स, फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेज़ों का सहारा लिया। कई मामलों में शुरुआत में पीड़ितों को थोड़ा मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उनका भरोसा और मजबूत हो सके। इसके बाद उनसे बड़ी रकम निवेश करवा ली जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के शिकार देश के कई राज्यों में फैले हुए हैं। अब तक 50 से अधिक पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी, पूरी कमाई और यहां तक कि उधार लेकर भी इस फर्जी स्कीम में पैसा लगाया था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक ठगी की कुल राशि 200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। मीरा रोड पुलिस का कहना है कि यह रैकेट काफी संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य साथियों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस को शक है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला एक गंभीर चेतावनी है कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स या ऑनलाइन निवेश के किसी भी प्रस्ताव पर आंख मूंदकर भरोसा न किया जाए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।




