
मुंबई। कृषि विभाग द्वारा मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और ठाणे जिलों में कीटनाशकों के भंडारण एवं बिक्री तथा घरेलू उपयोग के कीटनाशकों की बिक्री के लिए लाइसेंस प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा ङङकीटनाशक छिड़काव (पेस्ट कंट्रोल ऑपरेशन्स) के लिए भी कृषि विभाग का लाइसेंस होना अनिवार्य है। हालांकि, शासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कई विक्रेता बिना लाइसेंस घरेलू कीटनाशकों की बिक्री (मेडिकल स्टोर्स, किराना दुकानें, सुपर मार्केट, बाजार आदि) कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए कोकण विभाग के विभागीय कृषि सह-संचालक शिवाजी आमले ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और ठाणे जिलों के सभी विक्रेताओं से तत्काल लाइसेंस प्राप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के कीटनाशक अधिनियम १९६८ और कीटनाशक नियम १९७१ के अंतर्गत कीटनाशकों के भंडारण और बिक्री (थोक एवं खुदरा), घरेलू कीटनाशकों की बिक्री तथा कीटनाशक छिड़काव कार्य के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। घरेलू कीटनाशकों के भंडारण एवं बिक्री के लाइसेंस नियमों के अनुसार स्थायी रूप से दिए जाते हैं। यदि लाइसेंस में शामिलउत्पत्ति प्रमाणपत्र (ओरिजिन सर्टिफिकेट) की अवधि समाप्त हो गई हो, तो उसे लाइसेंस में शामिल कराना आवश्यक है। इसके अलावा प्रतिबंधित कीटनाशकों के उपयोग के लिए भी विशेष अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस व्यवसाय करना कीटनाशक अधिनियम १९७१ के नियम १० का उल्लंघन है।
शिवाजी आमले ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस कीटनाशकों का भंडारण एवं बिक्री, घरेलू उपयोग के कीटनाशक (जैसे तिलचट्टे, चूहे, खटमल, मच्छर, मक्खी, चींटियां आदि के नियंत्रण हेतु) तथा पेस्ट कंट्रोल ऑपरेशन्स करने वाले विक्रेताओं और व्यवसायियों के विरुद्ध कृषि विभाग की गुणवत्ता नियंत्रण शाखा को कानूनी कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने पुनः अपील की कि मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और ठाणे जिलों के सभी विक्रेता कीटनाशकों के भंडारण व बिक्री (थोक और खुदरा), घरेलू कीटनाशकों की बिक्री तथा कीटनाशक छिड़काव के लिए आवश्यक लाइसेंस तुरंत प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।




