
9 से 11 जनवरी तक दिल्लीवासियों को मिलेगा महाराष्ट्र की ग्रामीण संस्कृति का अनुभव
नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को महाराष्ट्र की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू कराने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित नए महाराष्ट्र सदन में 9 से 11 जनवरी के दौरान ‘हुरडा पार्टी’ और ‘मकर संक्रांति महोत्सव’ का आयोजन किया गया है। यह आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9.30 बजे तक चलेगा, यह जानकारी आवासीय आयुक्त एवं सचिव आर. विमला ने दी। महाराष्ट्र सदन में दिसंबर माह में आयोजित ‘महाराष्ट्र खाद्य महोत्सव’ को दिल्लीवासियों से मिले उत्साहजनक प्रतिसाद के बाद अब शीतकालीन विशेष आयोजन के रूप में ‘हुरडा पार्टी’ का आयोजन किया गया है।
संक्रांति का गोडवा और हुरडे का पारंपरिक स्वाद
मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में तिलगुल और पारंपरिक मराठी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पुणे, सोलापुर, नाशिक और मराठवाड़ा के ग्रामीण इलाकों में खेतों में अलाव पर हुरडा भूनकर जिस प्रकार उत्सव मनाया जाता है, वैसा ही अनुभव यहां दिल्ली में उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण व्यंजनों की खास व्यवस्था
हुरडा के साथ लहसुन की चटनी, मूंगफली कूट, पीला गुड़, शुद्ध घी, छाछ, चूल्हे पर बना गरमागरम पिठला-भाकरी, भरीत-भाकरी, वड़ा, भजिए, गन्ना, बेर और हरा चना जैसे पारंपरिक ग्रामीण व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई है। ठंड के मौसम में अलाव की गर्माहट और संगीत संध्या के साथ हुरडे का स्वाद इस आयोजन को और भी खास बनाएगा।
महिलाओं द्वारा निर्मित संक्रांति वाण भी उपलब्ध
महोत्सव के दौरान मकर संक्रांति के अवसर पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई पारंपरिक ‘वाण’ सामग्री भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी। यह महोत्सव शहर और गांव के बीच एक भावनात्मक सेतु का कार्य करेगा और दिल्लीवासियों को महाराष्ट्र की संस्कृति के और करीब लाएगा। आवासीय आयुक्त आर. विमला और निवेश आवासीय आयुक्त सुशील गायकवाड़ ने 9 से 11 जनवरी के बीच नए महाराष्ट्र सदन में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होकर महाराष्ट्र की मेहमाननवाजी और पारंपरिक स्वाद का आनंद लेने की अपील की है।




