
भाईंदर में एमबीवीवी पुलिस की कार्रवाई, नामी कॉलेज की छात्रा रेस्क्यू
इंद्र यादव
ठाणे। डिजिटल इंडिया और महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच समाज के भीतर पनप रहे देहव्यापार के संगठित नेटवर्क ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को मीरा-भाईंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत नवघर पुलिस स्टेशन की टीम ने भाईंदर (पूर्व) रेलवे स्टेशन क्षेत्र में चल रहे अनैतिक देहव्यापार के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक महिला दलाल को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में मुंबई के एक नामी कॉलेज में पढ़ने वाली प्रथम वर्ष की छात्रा को भी रेस्क्यू किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भाईंदर (पूर्व) रेलवे स्टेशन के पास स्थित ‘सुरभि वडापाव’ और ‘प्रशांत होटल’ के आसपास अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और एक फर्जी ग्राहक को भेजकर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। तय स्थान पर सौदे की पुष्टि होते ही पुलिस ने छापा मारकर महिला दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला बीते चार से पांच वर्षों से मुंबई, मीरा-भाईंदर और वसई-विरार इलाके में सक्रिय थी। वह स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर कॉलेज छात्राओं को अपने जाल में फंसाती थी। आरोप है कि वह व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को छात्राओं की तस्वीरें भेजकर ऊंचे दामों पर सौदे तय करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आर्थिक दबाव, पढ़ाई का खर्च, महंगे जीवनशैली के सपने और सोशल मीडिया के जरिए भावनात्मक रूप से कमजोर युवतियों को निशाना बनाना इस गिरोह का मुख्य तरीका था। दलाल नौकरी, मदद या भावनात्मक सहारे का झांसा देकर छात्राओं को धीरे-धीरे इस दलदल में धकेलती थी। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेस्क्यू की गई छात्रा को सुधार गृह भेजा गया है, जहां उसकी काउंसलिंग कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्रवाई एमबीवीवी पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। जोन-1 के डीसीपी राहुल चव्हाण और नवघर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धीरज कोली के नेतृत्व में पीआई दत्तात्रय ढूमे, पीएसआई संदीप व्हसकोटी, एएसआई रविकांत व्हनमारे सहित पूरी टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



