
मुंबई। राज्य में नायलॉन की रस्सियों के कारण नागरिकों के घायल होने और कुछ मामलों में मौतों की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विधान परिषद के उपसभापती डॉ. नीलम गोऱ्हे ने नायलॉन मांजा की बिक्री और ऑनलाइन उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता अभियान चलाकर मांझे के प्रयोग से बचने के उपाय किए जाने चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई, ठाणे, नासिक, जलगांव, धुले, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में पर्यावरण विभाग की प्रधान सचिव विनीता सिंघल, मुंबई मनपा आयुक्त व प्रशासक भूषण गगरानी, पुलिस उपायुक्त (आपातकाल) पठान, संभाजीनगर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, ठाणे के पुलिस आयुक्त प्रशांत परबाकर, नासिक के पुलिस उपायुक्त प्रशांत बच्छव, धुले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर काले, पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार और जलगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक नकाते समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। उपसभापति डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि नायलॉन जाल के उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए महानगरों में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लाउडस्पीकर, पोस्टर आदि का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, पुलिस और यातायात विभाग को सतर्क रहकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों पर आपातकालीन टीमें तैनात की जाएं और दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए। संभाजीनगर पुलिस आयुक्त द्वारा लागू की गई अच्छी अवधारणाओं को अन्य नगर पालिकाओं और पुलिस आयुक्तों द्वारा भी अपनाने का सुझाव दिया गया। बैठक में मारिजुआना की बिक्री और उत्पादन को रोकने के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी करने का भी प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने बैठक में अब तक की गई कार्रवाई और निवारक उपायों के बारे में जानकारी दी।




