
ठाणे। ठाणे से भिवंडी जाते समय एक रिक्षा में छूटे करीब साढ़े चार लाख रुपये मूल्य के गहनों से भरे बैग को ठाणे नगर पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर ढूंढकर उसके मालिक को सौंप दिया। बैग वापस मिलने पर पीड़ित परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस की तत्परता व ईमानदारी के प्रति आभार व्यक्त किया। मिली जानकारी के अनुसार, घाटकोपर निवासी वरिष्ठ नागरिक संपत सालवे अपनी पत्नी के साथ भिवंडी जाने के लिए लोकल ट्रेन से ठाणे रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से उन्होंने रिक्षा ली, लेकिन भिवंडी टोल नाके पर उतरने के बाद उन्हें याद आया कि गहनों से भरा बैग रिक्षा में ही छूट गया है। घबराए दंपती तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक भरत चौधरी ने जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक प्रवीण जाधव को सौंपी। ड्यूटी समाप्त होने के बावजूद जाधव ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस सिपाही सचिन पाचपुते के साथ मिलकर ठाणे से भिवंडी तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। लगातार करीब पांच घंटे की मेहनत के बाद संदिग्ध रिक्षा का नंबर मिल गया और चालक से संपर्क स्थापित किया गया। रिक्षाचालक से एक लेदर बैग बरामद हुआ, जिसमें करीब चार लाख रुपये के ढाई तोले सोने के आभूषण, चांदी के पैंजन, पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने पूरा सामान सही-सलामत सालवे दंपती को लौटा दिया। इस पूरी कार्रवाई ने ठाणे नगर पुलिस की कार्यशैली को सराहनीय बनाते हुए यह साबित कर दिया कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और तत्परता आज भी पुलिस व्यवस्था की पहचान बन सकती है।




