
मुंबई (इंद्र यादव)। मुंब्रा इलाके में गुरुवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक 51 वर्षीय व्यक्ति जयन शिवानंदन नायर ने दिनदहाड़े खुलेआम फायरिंग कर दी। यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे कैलाश नगर स्थित सुमनताई चव्हाण हिंदी प्राथमिक विद्यालय के पास हुई, जहां आरोपी का कुछ लोगों से कथित छेड़खानी के आरोप को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसने गोलियां चला दीं, जिसमें अकबर अब्दुल शेख, अब्दुल हसन शेख और समीर अहमद शेख गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत कालसेकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अकबर अब्दुल शेख को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद मुंब्रा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है, लेकिन इस सनसनीखेज वारदात ने ठाणे की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं—आखिर एक आम व्यक्ति के पास अवैध हथियार कैसे पहुंचा, स्कूल के पास भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े गोलीबारी करने का दुस्साहस कैसे हुआ, और क्या अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है? स्थानीय नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है, और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई तथा ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।




