
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में जिला पुस्तकालय समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का स्तंभ, संस्कृति का भंडार और विकास का महत्वपूर्ण साधन है।सीडीओ ने निर्देश दिए कि पुस्तकालय का वातावरण ऐसा बनाया जाए जिससे बच्चों और युवाओं में पुस्तकों के प्रति आकर्षण बढ़े और उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों में नियमित अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित की जा सकती है, जो उनके बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।बैठक में राजकीय जिला पुस्तकालय के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम को शहर के प्रमुख चौराहों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रचार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।सीडीओ जुनैद अहमद ने बताया कि पुस्तकालय में लगभग 44,000 से अधिक पुस्तकें और पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, जिनकी सुरक्षा सीसीटीवी कैमरों और पीआरडी जवानों के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त होमगार्ड तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने विद्यालयों के छात्रों को पुस्तकालय भ्रमण कराने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे बच्चों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ेगी। नई शिक्षा नीति के तहत भी पुस्तकालयों से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया है।बैठक में पुस्तकालय के समय को बढ़ाने, नए सदस्यों के पंजीकरण और शुल्क व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा की गई। पुस्तकालय परिसर में अनुपयोगी सामान को हटाने के निर्देश भी दिए गए।कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह, बीएसए विपुल शिव सागर, जिला पंचायत सदस्य रोहित राजपूत, पार्षद दिनेश प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य सतीश कुमार, अरविंद सिंह परमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




