
मुंबई। भारत सरकार, क्षमता विकास आयोग और कर्मयोगी भारत के संयुक्त तत्वावधान में 2 से 8 अप्रैल 2026 के बीच ‘साधना सप्ताह’ आयोजित किया जा रहा है। इसी के तहत महाराष्ट्र में ‘महा-साधना सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक कुशल, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। इस सप्ताह के दौरान राज्यभर के करीब 8.80 लाख अधिकारी और कर्मचारी iGOT कर्मयोगी भारत पोर्टल पर लॉग इन कर कम से कम 4 घंटे के ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करेंगे। अनुमान है कि इस पहल के तहत कुल मिलाकर 35 लाख से अधिक लर्निंग आवर्स पूरे किए जाएंगे। इसमें राज्य के 36 जिले, 32 विभाग और 6 क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारी शामिल होंगे। यह पहल मिशन कर्मयोगी का हिस्सा है, जिसके तहत प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक और परिणाम-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिससे अधिकारी अपने काम के साथ-साथ नई तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, समय प्रबंधन और कार्यकुशलता से जुड़े कौशल सीख सकेंगे। महा-साधना सप्ताह की खास बात यह है कि iGOT Karmayogi App के जरिए अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी प्रशिक्षण ले सकेंगे, जिससे कामकाज प्रभावित हुए बिना कौशल विकास संभव होगा। सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस सप्ताह में स्वप्रेरणा से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ डिजिटल सिस्टम, ऐप्स और नई तकनीकों को अपनाना जरूरी हो गया है, और यह पहल प्रशासन में पारदर्शिता व नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देगी। इस सप्ताह के दौरान सभी अधिकारियों के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम 2 से 8 अप्रैल के बीच पूरा करना अनिवार्य होगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को मई में आयोजित ‘TECH-वारी 2.0’ कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पहल राज्य के प्रशासनिक ढांचे को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




