
मुंबई। प्रख्यात इतिहासकार और शोधकर्ता डॉ.जयसिंगराव पवार के निधन पर महाराष्ट्र में शोक की लहर है। देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. पवार के निधन से राज्य ने इतिहास शोध के क्षेत्र में एक सिद्धांतनिष्ठ, विद्वान और मार्गदर्शक व्यक्तित्व को खो दिया है। उन्होंने अपने जीवन को इतिहास के अध्ययन और अनुसंधान के लिए समर्पित कर दिया था। डॉ. पवार ने छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज सहित मराठा इतिहास के कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों पर गहन और बहुआयामी शोध किया। उनके कार्यों के माध्यम से नई पीढ़ी को शिव-शाहू चरित्रों की समृद्ध और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हुई। विशेष रूप से शिवाजी विश्वविद्यालय के शाहू शोध केंद्र के जरिए उन्होंने इतिहास लेखन और शोध परियोजनाओं को नई दिशा दी। उनके प्रयासों से छत्रपति संभाजी महाराज, जिजाऊ माँसाहेब, महारानी ताराराणी और शाहू महाराज से संबंधित व्यापक संदर्भ साहित्य तैयार हुआ। डॉ. पवार के प्रयासों से शाहू महाराज के कार्यों को अंग्रेज़ी समेत अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं में भी पहचान मिली। उनकी बनाई गई ग्रंथ संपदा को महाराष्ट्र की अमूल्य धरोहर माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि उनके शोधार्थी और इतिहास प्रेमियों का एक बड़ा वर्ग शोकाकुल है। यह महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।




