
सूरत, गुजरात। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर 21 फरवरी 2026 को भारतीय स्टेट बैंक, सूरत मॉड्यूल द्वारा “अटल काव्यांजलि” प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, सूरत के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर मातृभाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उल्लेखनीय है कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा वर्षभर विभिन्न स्तरों पर “अटल काव्यांजलि” प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सूरत में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने अटल जी की कविताओं का प्रभावपूर्ण पाठ करते हुए उनके साहित्यिक अवदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक श्री हरीश जैन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मातृभाषा हमारे व्यक्तित्व की आधारशिला है और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का दायित्व हम सभी पर है। कार्यक्रम में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, सूरत के सदस्य सचिव संजीव पाण्डेय, पंजाब नैशनल बैंक के राजभाषा प्रबंधक अमन कुमार, बैंक ऑफ़ इंडिया के राजभाषा अधिकारी ऋत्विक वर्मा तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की राजभाषा अधिकारी रिंकी मुवानिया की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान अटल जी के साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए प्रतिभागियों से हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से अटल जी की कविताओं में निहित राष्ट्रप्रेम, संवेदनशीलता और आशावाद को सजीव कर दिया। अंत में, एसबीआई के मुख्य प्रबंधक श्री हिमांशु मोदी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन मातृभाषा के सम्मान, हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा साहित्यिक संस्कारों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल सिद्ध हुआ।




