Saturday, February 21, 2026
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बारामती एयर क्रैश मामला: रोहित पवार ने राजनीतिक-व्यावसायिक हस्तक्षेप के लगाए गंभीर आरोप

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल इस्तीफे की मांग की

नई दिल्ली। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को बारामती एयर क्रैश मामले में राजनीतिक और व्यावसायिक दखल के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एक निजी कंपनी ‘वीएसआर’ को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में पवार ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह स्पष्ट होता जाएगा कि वीएसआर कंपनी को शक्तिशाली लोगों का समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, इसमें राज्य सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे व्यक्ति, केंद्र में सत्ताधारी दल से जुड़े लोग तथा राजनीतिक रूप से जुड़े कारोबारी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटना के पीछे कथित साज़िश राजनीतिक थी या व्यावसायिक। पवार ने कहा कि जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल इस्तीफे की मांग की और राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने का आग्रह किया। विधायक पवार ने आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में कथित रूप से जानबूझकर अतिरिक्त ईंधन भरा गया था। उन्होंने प्रश्न उठाया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया, जबकि उनके आवागमन और यात्रा विवरण कथित तौर पर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। उन्होंने गोपनीय जानकारी लीक करने वाले तंत्र के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विमान के ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने संबंधी दावों सहित भ्रामक सूचनाएं फैलाकर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पवार ने कहा कि 9 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित सरकारी वित्तपोषित प्रयोगशाला का उपयोग फोरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है। आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि विमान का बीमा 35 करोड़ रुपये का था, जबकि मशीनरी के लिए 55 करोड़ रुपये और दायित्व (लायबिलिटी) के लिए 10 करोड़ रुपये का बीमा कवर बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पायलट पर किसी प्रकार का दबाव था तथा क्या उसे रोजगार संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पवार ने आरोप लगाया कि वीएसआर से जुड़े एक वरिष्ठ प्रबंधक को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया और उसे संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना जांच रिपोर्ट, जो माह की 15 तारीख तक जारी होनी थी, अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे वित्तीय अभिलेखों में संभावित छेड़छाड़ की आशंका बढ़ रही है। पवार ने दोहराया कि जांच एकतरफा और गैरकानूनी ढंग से की जा रही है तथा चेतावनी दी कि लगातार हो रही देरी से मामले को लेकर संदेह और गहराएगा।

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