
मुंबई। राज्य के प्रशासनिक कामकाज में आमूलचूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने ‘GPR 2.0’ नामक महत्वाकांक्षी प्रशासनिक सुधार पहल की शुरुआत की है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से सराहा है और देश के अन्य राज्यों को भी इसी मॉडल को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन प्रशासनिक सुधारों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे, इसके लिए सभी सरकारी विभागों को समन्वय और प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा बैठक में ‘GPR 2.0’ के प्रथम और द्वितीय चरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोईर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा ‘GPR 2.0’ पहल पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें अब तक की प्रगति और आगे की कार्ययोजना रखी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘GPR 2.0’ के तहत प्रशासनिक सुधारों को तर्कसंगत, एकीकृत और परिणामोन्मुख तरीके से लागू किया जा रहा है। पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जबकि दूसरा चरण 1 मई 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। इन सुधारों के लागू होने के बाद नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं अधिक सरल, तेज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रशासनिक सेवाओं, संस्थागत क्षमता, आधारभूत संरचना और संसाधनों को भविष्य उन्मुख दृष्टिकोण से मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। ‘GPR 2.0’ के माध्यम से इस दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पाँच से दस वर्ष इन परिवर्तनों के लिए निर्णायक सिद्ध होंगे और यह पहल भविष्य में महाराष्ट्र के प्रशासनिक सुधारों के एक मील के पत्थर के रूप में याद की जाएगी। ‘GPR 2.0’ के तहत राज्य शासन के प्रशासनिक विभागों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री कार्यालय, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय के माध्यम से समयबद्ध और केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। नागरिकों को सरल, सुलभ और सुव्यवस्थित सेवाएं प्रदान करने के लिए सक्षम प्रणाली विकसित की जा रही है, साथ ही ‘नागरिक चार्टर’ के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता और समयसीमा तय की जा रही है। सेवा-सुविधाओं में सुधार के तहत महाDBT और आपले सरकार पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं को और अधिक सरल बनाया जा रहा है। ‘महाDBT 2.0’ के अंतर्गत 263 योजनाओं को अंतिम रूप देकर ‘GPR 2.0’ में समाविष्ट किया गया है। आपले सरकार पोर्टल पर 1,074 सेवाओं का सरलीकरण किया गया है तथा 424 प्रमाणित सेवाओं के सुव्यवस्थित प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, राज्यभर में संचालित 17,624 आपले सरकार सेवा केंद्रों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को ‘स्मार्ट केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि नागरिकों को और बेहतर, तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




