
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि यह अंतरिम व्यापार ढांचा ‘मेक इन इंडिया’ को निर्णायक बढ़ावा देगा, भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार करेगा और साथ ही किसानों, खाद्य सुरक्षा व ग्रामीण आजीविका की रक्षा करेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता संतुलित, पारस्परिक और भारत-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित है, जो एमएसएमई को सशक्त करेगा, निर्यात को गति देगा, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ता भारत-अमेरिका सहयोग ‘मेड इन इंडिया’ में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है और भारत को वैश्विक विकास के प्रमुख चालक के रूप में और मजबूत करता है। इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री और रालोद नेता जयंत चौधरी ने भी समझौते की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह किसानों, कामगारों, कारीगरों, कुटीर उद्योग और युवाओं के हित में है तथा बेहतर दाम, उत्पाद और आर्थिक तरक्की के लिए विज्ञान, विधि और व्यापार के माध्यम से किसानों की मेहनत को नई दिशा देगा। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पारस्परिक टैरिफ में 18 प्रतिशत की कमी भारतीय निर्यातकों के लिए गेम चेंजर साबित होगी, जिससे कपड़ा, चमड़ा, मशीनरी और हस्तशिल्प सहित कई क्षेत्रों में विस्तार, वैश्विक पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सेवाओं, एआई, डेटा और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग के जरिए यह समझौता भारत को वैश्विक डिजिटल हब के रूप में और मजबूत करेगा, जबकि डेयरी, फल, सब्जियां, मसाले और अन्य अनाजों को संरक्षित रखकर स्थानीय कृषि और आत्मनिर्भर भारत को नई मजबूती देगा।



