
मुंबई। राज्य के किसानों और पशुपालकों को केंद्र में रखते हुए बीड जिले के परळी वैजनाथ में 13 से 15 फरवरी के दौरान महापशुधन एक्स्पो का आयोजन किया जा रहा है। इस दृष्टि से प्रदर्शन की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे ने दिए हैं। परळी वैजनाथ में आयोजित होने वाले इस महापशुधन एक्स्पो की तैयारियों की समीक्षा पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे ने की। इस अवसर पर पशुसंवर्धन विभाग के सचिव डॉ. रामास्वामी एन., पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. प्रविणकुमार देवरे, बीड के जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन सहित राज्य के पशुसंवर्धन विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि सशक्त पशुधन के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाना चाहिए। राज्य के किसानों और पशुपालकों को नई नस्लों के पशुधन, उनके देखभाल संबंधी उपायों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध नवीन तकनीकों की जानकारी मिले, इसके लिए महापशुधन एक्स्पो महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों और पशुपालकों के दृष्टिकोण से प्रदर्शन की तैयारियां की जाएं और इसे सफल बनाने के लिए पशुसंवर्धन विभाग तथा जिला प्रशासन आपसी समन्वय से कार्य करें। प्रदर्शनी में जैविक खेती और पशुधन से होने वाले लाभों पर किसानों के लिए चर्चा सत्र भी आयोजित किए जाएं। प्रदर्शनी में लगभग 1500 पशुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार के कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के सूचना स्टॉल लगाए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों के भी स्टॉल होंगे। बड़ी संख्या में आगंतुकों के आने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदर्शनी परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित रखने, महिलाओं के लिए अलग कक्ष तथा आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदर्शनी में शामिल पशुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही चिकित्सा कक्ष, एंबुलेंस, अग्निशमन व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा तथा स्वयंसेवकों की तैनाती भी की जाएगी। प्रदर्शनी में विभिन्न नस्लों के पशुओं को शामिल किया जाएगा। उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। डॉग शो सहित विभिन्न पशु-पक्षियों के लिए करीब 40 प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन कर विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी गुणवत्तापूर्ण पशु और पक्षियों का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी स्थल पर रक्तदान शिविर, अंगदान सहमति पत्र जैसे सामाजिक उपक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए दोपहर के समय विशेष समय निर्धारित करने, पशु चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और किसानों को आमंत्रित करने तथा विशेष रूप से मराठवाड़ा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री पंकजा मुंडे ने राज्य के किसानों, पशुपालकों, पशु चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों और विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में इस प्रदर्शनी में भाग लेने का आवाहन किया है। पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. देवरे ने बताया कि प्रदर्शनी में आने वालों के लिए पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है और पशुधन लेकर आने वाले वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। मुख्य सभास्थल पर 20 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी। पुरस्कार प्राप्त करने वाले पशुधन का विशेष प्रदर्शन भी किया जाएगा। तीन अलग-अलग पंडालों में लगभग 300 स्टॉल लगाए जाएंगे। इस प्रदर्शनी में पशुपालकों के साथ-साथ इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी भाग लेंगे। जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन ने बताया कि प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रदर्शनी में आने वाले नागरिकों के लिए पहले चरण में 20 एसटी बसों की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की भी तैयारियां की गई हैं। स्वयंसेवक के रूप में एनसीसी के विद्यार्थियों की सहायता ली जाएगी। महिला और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष नियोजन किया गया है। साथ ही पुलिस हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा।




