
मुंबई। नीलम पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित लेखक डॉ. दिलीप पाल की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “सन्यास से सत्ता तक – श्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी की जीवन यात्रा” का भव्य विमोचन शनिवार, 31 जनवरी 2026 को हयात सेंट्रिक, जुहू, मुंबई में संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, सामाजिक, सांस्कृतिक और मीडिया जगत से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पुस्तक का विधिवत विमोचन पूज्य पाद किन्नर जगतगुरु स्वामी हेमांगी सखी जी एवं रामकुमार पाल जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे योगी आदित्यनाथ महाराज जी के जीवन और व्यक्तित्व को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। यह पुस्तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी के जीवन संघर्ष, साधना, तप, संन्यास और सार्वजनिक जीवन में उनके प्रवेश से लेकर राजनीतिक नेतृत्व तक की यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत करती है। पुस्तक में उनके आध्यात्मिक चिंतन, राष्ट्रवादी दृष्टिकोण, प्रशासनिक शैली और सामाजिक सरोकारों को भी तथ्यात्मक और क्रमबद्ध रूप में दर्शाया गया है। लेखक ने पुस्तक के माध्यम से योगी आदित्यनाथ के जीवन के विभिन्न चरणों को पाठकों के सामने रखने का प्रयास किया है। इस अवसर पर लेखक डॉ. दिलीप पाल ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक राजनीतिक जीवनी नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ महाराज जी का जीवन संकल्प, अनुशासन, सेवा भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है, जिससे युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सकती है। डॉ. पाल ने बताया कि पुस्तक लेखन के दौरान उन्होंने विभिन्न स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और सार्वजनिक जीवन की घटनाओं के आधार पर सामग्री को संकलित किया है, ताकि पाठकों को एक प्रामाणिक और संतुलित दृष्टिकोण मिल सके। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक योगी आदित्यनाथ महाराज जी के जीवन के आध्यात्मिक और प्रशासनिक दोनों पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत करती है, जिससे पाठकों को उनके व्यक्तित्व की बहुआयामी झलक मिलती है। अतिथियों ने इसे समकालीन राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। समारोह के अंत में लेखक डॉ. दिलीप पाल ने नीलम पब्लिकेशन के निदेशक दिनेश वर्मा, कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और पाठकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और समर्थन से ही यह पुस्तक और इसका विमोचन समारोह सफल और स्मरणीय बन सका।




