
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दुष्कर्म के दो गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी करण डोलतानी (33) को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी मटियाला एक्सटेंशन का निवासी है और बिंदापुर थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग रेप मामलों में वांछित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्षों से कानून से बचता फिर रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहला मामला वर्ष 2016 का है। उस समय करण डोलतानी ने अपने घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका की बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। इस संबंध में बिंदापुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। बाद में उसकी पत्नी की मेडिकल स्थिति का हवाला देते हुए उसे 28 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई, लेकिन जमानत अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। दूसरा मामला वर्ष 2022 का है, जिसमें आरोपी पर अपनी पत्नी की सहेली के साथ दुष्कर्म करने और उसे अवैध रूप से बंधक बनाए रखने का आरोप है। इस मामले में बिंदापुर थाने में धारा 341, 342, 376 और 377 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में भी आरोपी गिरफ्तारी से बचता रहा। मामलों की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच को आरोपी की तलाश सौंपी गई। टीम ने मैनुअल और तकनीकी दोनों तरह की निगरानी शुरू की। इसी दौरान कांस्टेबल मुकेश को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में घमरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आने वाला है। इस सूचना की पुष्टि हेड कांस्टेबल भंवर ने तकनीकी जांच के माध्यम से की। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई कुलदीप, एसआई रवि, हेड कांस्टेबल भंवर और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। एसीपी राज पाल डाबास की निगरानी में टीम ने जाल बिछाकर गुरुग्राम के टोल रोड से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में करण डोलतानी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में पहले भी ऐसे गंभीर यौन अपराधों के मामले दर्ज हैं। आरोपी कमजोर और असहाय महिलाओं को निशाना बनाता था और उनके भरोसे व मजबूरी का फायदा उठाता था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बार-बार जघन्य अपराधों की ओर इशारा करता है, जिससे वह समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल फरार अपराधी को कानून के दायरे में लाया गया है, बल्कि पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। साथ ही, इस कार्रवाई से आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और सुदृढ़ हुआ है।




