
डॉ अंशुमान अग्निहोत्री
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। नगर के वार्ड नंबर-2 सिंगरोसी और आसपास के इलाकों में रिमझिम स्टील प्लांट से फैल रहे जल और वायु प्रदूषण ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से छोड़ा जा रहा प्रदूषित पानी सैकड़ों वर्ष पुराने तालाब में मिल रहा है, जिससे भूजल भी दूषित हो चुका है। इस पानी के सेवन से पशुओं की मौत हो रही है, जबकि हवा में उड़ रही राख में मौजूद आयरन कण सांस के जरिए शरीर में जाकर फेफड़ों और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और आंखों की रोशनी कम होने, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं की शिकायत की। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भारतीय संविधान की धारा-21 प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ वातावरण में जीवन जीने का अधिकार देती है, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा जल और वायु प्रदूषित कर इस मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मौके पर भौतिक परीक्षण कराने और प्रभावित नागरिकों को राहत दिलाने की मांग की। इस दौरान सुरेंद्र कुशवाहा ने प्रदूषित जल और राख में मौजूद आयरन कणों को चुंबक से चिपकाकर दिखाया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तथा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस को अनिश्चितकालीन आंदोलन करना पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल में सेवानिवृत्त शिक्षक प्रदीप पासी, मोहम्मद बशीर, विनोद कुमार, अजय गौतम, सुनील कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




