
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में हार के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि अगर भगवान ने चाहा तो मुंबई में उनकी पार्टी का मेयर जरूर बनेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की महायुति ने 227 में से 118 सीटें जीतकर बीएमसी में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) का मेयर चुनना उनका सपना है और यह सपना भविष्य में साकार होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मुंबई को “गिरवी” रखना चाहती है और धोखे से चुनाव जीता गया है। ठाकरे ने कहा कि मराठी मानुष इस कथित अन्याय को कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) को मिली 65 सीटें इस बात का प्रमाण हैं कि बीजेपी जमीन पर शिवसेना को खत्म नहीं कर पाई और न ही वह पार्टी कार्यकर्ताओं की वफादारी खरीद सकी। इस बीच, शिंदे गुट की शिवसेना द्वारा अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के एक लग्जरी होटल में ठहराने के फैसले ने ‘होटल पॉलिटिक्स’ को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट कर संकेत दिया कि महाराष्ट्र में राजनीतिक लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और मराठी समुदाय को उसका सम्मान मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि, उद्धव और राज ठाकरे द्वारा मराठी भाषा और मराठी मानुष की पहचान के मुद्दे पर वोटों को एकजुट करने की कोशिश की गई, लेकिन भगवा गठबंधन के विकास कार्यों जैसे मेट्रो एक्वा लाइन और कोस्टल रोड ने महायुति को चुनाव में बढ़त दिलाई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की जीत की सराहना करते हुए इसे ‘जन-समर्थक सुशासन’ और विकास के विजन की जीत बताया।




