
मुंबई। महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दूरदर्शी नेतृत्व और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से अधिक प्रभावी रूप से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विरासत संरक्षण में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की नीति को मजबूती दी है, जिसके तहत महाराष्ट्र के ऐतिहासिक स्मारकों और प्राकृतिक परिसंस्थाओं के संरक्षण में टीसीएस और टीसीएस फाउंडेशन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से बीते एक दशक में मुंबई के ऐतिहासिक राजाबाई क्लॉक टॉवर और मुंबई विश्वविद्यालय की पुस्तकालय इमारत के संरक्षण और पुनर्स्थापन का महत्वपूर्ण कार्य पूरा किया गया। 156 वर्ष पुराने राजाबाई टॉवर की बाहरी प्रकाश व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा पुस्तकालय में फर्नीचर की मरम्मत और पुनर्स्थापना को सरकारी स्तर पर समर्थन मिला, जिससे परियोजना को गति मिली। इस कार्य के लिए टीसीएस ने 8.90 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि यूनेस्को ने वर्ष 2018 में एशिया–पैसिफिक सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पुरस्कारों में इस पहल को सम्मानित किया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में सार्वजनिक–निजी भागीदारी के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तुसंग्रहालय (सीएसएमवीएस) के संरक्षण और पुनर्स्थापन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। इस परियोजना के लिए टीसीएस ने चरणबद्ध तरीके से कुल 24.79 करोड़ रुपये का योगदान दिया। वर्ष 2022 में यूनेस्को के एशिया–पैसिफिक सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पुरस्कारों में इसे ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया। वास्तुकला और अभियांत्रिकी की दृष्टि से यह परियोजना आदर्श मानी गई है और यह पिछले 100 वर्षों में संग्रहालय का पहला बड़ा पुनर्स्थापन कार्य रहा है।




