
नासिक। नासिक महानगरपालिका चुनाव के मतदान के दौरान गुरुवार को सिडको क्षेत्र के प्रभाग संख्या 25 में उस समय हड़कंप मच गया, जब सावतानगर इलाके में एक कार्यालय में कथित तौर पर पैसे बांटे जाने की सूचना सामने आई। इस आशंका को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार आमने-सामने आ गए, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, प्रभाग 25 में मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्वक चल रही थी। इसी दौरान सावतानगर स्थित एक कार्यालय में पैसे बांटे जाने की चर्चा फैल गई। सूचना मिलते ही निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उस कार्यालय में जाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रोक लिया और एहतियातन हिरासत में लेकर वाहन में बैठा दिया। हालांकि, कुछ समय बाद मुकेश शहाणे को छोड़ दिया गया। मुकेश शहाणे की हिरासत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौके पर जमा हो गए। इसी बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार एडवोकेट अतुल सानप भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच जोरदार नारेबाजी और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी बड़े टकराव को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद कार्यकर्ता मौके से हटे और हालात काबू में आए। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। इसी बीच नासिक के प्रभाग संख्या 17 के पूर्व पार्षद दिनकर आढाव जिस फॉर्च्युनर गाड़ी में सवार थे, उस वाहन से चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने नकद राशि बरामद की है। यह कार्रवाई चुनाव के दौरान पैसे बांटे जाने की आशंका के चलते की गई। प्रशासन ने संबंधित फॉर्च्युनर वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद नासिक में चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है, वहीं प्रशासन और चुनाव आयोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।




