
मुंबई। महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत 125 पंचायत समितियों की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि 5 फरवरी 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 7 फरवरी 2026 को मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित पत्रकार परिषद में निर्वाचन आयुक्त वाघमारे ने जानकारी दी कि इन चुनावों में जिला परिषद की 731 सीटों और पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए मतदान होगा। जिन 12 जिलों में चुनाव कराए जा रहे हैं, उनमें रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। चुनाव की अधिसूचना 16 जनवरी 2026 को संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा जारी की जाएगी। मतदान का समय सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव एक साथ होने के कारण प्रत्येक मतदाता को दो मत देने होंगे—एक मत जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन गण के लिए। इन चुनावों में नामांकन पत्र ऑफलाइन पद्धति से ही स्वीकार किए जाएंगे। चुनाव के लिए राज्यभर में लगभग 25,482 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 51,537 कंट्रोल यूनिट और 1,10,329 बैलेट यूनिट शामिल हैं। मतदाता सूची के लिए 1 जुलाई 2025 की विधानसभा मतदाता सूची को आधार माना गया है। संभावित दोहरे मतदाताओं के नामों के आगे विशेष चिन्ह लगाए गए हैं। आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में कोई भी ऐसी घोषणा या गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे मतदाताओं पर प्रभाव पड़े। हालांकि, प्राकृतिक आपदा से संबंधित राहत एवं आवश्यक कार्यों को आचार संहिता से छूट दी गई है। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और शिशु के साथ आने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां स्थायी रैंप उपलब्ध नहीं होंगे, वहां अस्थायी रैंप की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही व्हीलचेयर, पेयजल, बिजली, छाया और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। महिला मतदाताओं की संख्या अधिक वाले केंद्रों को ‘पिंक मतदान केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां महिला अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। चुनाव प्रचार के संबंध में आयोग ने बताया कि मतदान से 24 घंटे पहले, यानी 3 फरवरी 2026 की रात 12 बजे से सभी प्रकार के प्रचार और विज्ञापनों पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, 3 फरवरी की रात 10 बजे के बाद सभाओं, रैलियों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी। प्रचार सामग्री और मीडिया पर निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति गठित की जाएगी, जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित होने वाले विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन, पेड न्यूज मामलों की जांच और मीडिया कवरेज की निगरानी करेगी। राज्य स्तर पर भी इसी प्रकार की समिति कार्यरत रहेगी। उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा भी तय कर दी गई है। 71 से 75 निर्वाचन क्षेत्रों वाली जिला परिषदों के लिए 9 लाख रुपये, तथा उनकी पंचायत समितियों के लिए 6 लाख रुपये खर्च सीमा निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, अन्य जिला परिषदों के लिए अलग-अलग खर्च सीमा लागू रहेगी। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराना आयोग की प्राथमिकता है।




