Tuesday, January 13, 2026
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कोंकण भवन में तैनात डिप्टी कमिश्नर 5 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

नवी मुंबई। ठाणे एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को कोंकण भवन में तैनात सप्लाई डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर अनिल टक्साले को एक व्यापारी से प्राइवेट बिचौलियों के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में साई प्रीतम माधव अमीन और राजा गणेश थेवर नाम के दो निजी व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले से दर्ज एक मामले में राहत दिलाने, उसके चावल के व्यापार को बिना रुकावट चलने देने और भविष्य में विभागीय कार्रवाई न होने देने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता, जो एकवीरा ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करता है, ने 5 जनवरी को एसीबी से संपर्क किया था। उसने शिकायत में बताया था कि उससे एकमुश्त 5 लाख रुपये और हर महीने 2 लाख रुपये रिश्वत देने की मांग की जा रही है। यह रिश्वत की मांग 30 दिसंबर को सप्लाई डिपार्टमेंट द्वारा शिकायतकर्ता के गोदाम पर की गई छापेमारी के बाद सामने आई थी। छापेमारी के दौरान कथित तौर पर अवैध चावल का स्टॉक मिलने का दावा किया गया था, जिसके बाद भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता और उसके दो साझेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 7 जनवरी को की गई वेरिफिकेशन के दौरान एसीबी ने पाया कि आरोपी अधिकारी ने बिचौलियों के जरिए 5 लाख रुपये और हर महीने 1.5 लाख रुपये लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद एसीबी ने सोमवार दोपहर सीबीडी बेलापुर इलाके में लक्ष्मी होटल के पास जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान राजा गणेश थेवर को होटल के बाहर फुटपाथ पर शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके तुरंत बाद साई प्रीतम माधव अमीन को हिरासत में लिया गया। शाम को एसीबी ने कोंकण भवन से डिप्टी कमिश्नर अनिल टक्साले को भी गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ एसीबी अधिकारी ने बताया कि सरकारी अधिकारी ने निजी एजेंटों के माध्यम से रिश्वत की मांग की और अपने पद का दुरुपयोग कर विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की। अधिकारी ने कहा कि आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में कोई अन्य अधिकारी भी शामिल थे या नहीं, और क्या अन्य व्यापारियों से भी इसी तरह की मांग की गई थी। इस संबंध में एसीबी बेलापुर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7(अ) और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।

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