
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने नगर निगम चुनावों के मद्देनज़र लागू आचार संहिता का हवाला देते हुए राज्य सरकार को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की जनवरी माह की किस्त एडवांस में जारी करने से रोक दिया है। यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि मकर संक्रांति से पहले 14 जनवरी को लाभार्थी महिलाओं को दिसंबर और जनवरी की संयुक्त किस्त के रूप में 3,000 रुपये दिए जाएंगे। इससे पहले भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से योग्य लाभार्थियों के लिए “विशेष उपहार” बताया था। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एसईसी ने रविवार को मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को पत्र भेजकर सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या चुनावों से ठीक पहले दो महीने की किस्त जारी करने का इरादा है। मुख्य सचिव ने अपने जवाब में बताया कि एसईसी ने 4 नवंबर 2025 को आचार संहिता को लेकर समेकित निर्देश जारी किए थे। इसके बाद आयोग ने अपने बयान में साफ किया कि योजना के तहत नियमित या पहले से लंबित किस्तों का भुगतान किया जा सकता है, लेकिन आचार संहिता की अवधि में किसी भी प्रकार का एडवांस भुगतान अनुमत नहीं है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले शुरू की गई विकास योजनाएं और कल्याणकारी योजनाएं आचार संहिता के दौरान जारी रह सकती हैं। उल्लेखनीय है कि माझी लाडकी बहीण योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है और इसे 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का एक अहम कारक माना जाता है।



