
पालघर। नालासोपारा पुलिस ने एक गंभीर आपराधिक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में की गई गहन, जटिल और तकनीकी जांच के बाद संभव हो सकी। 31 दिसंबर 2025 को दर्ज शिकायत के आधार पर नालासोपारा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 75, 76, 77, 351(2), 308(3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(ई) और 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी की पहचान महेश पाटिल उर्फ विजय आत्माराम पाटिल (35) के रूप में हुई है, जो तुर्भे नाका, हनुमान नगर, फाइजर रोड, नवी मुंबई का निवासी है और मूल रूप से मालेगांव, जलगांव जिले का रहने वाला है। नालासोपारा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के आदेश पर पुलिस निरीक्षक (क्राइम) कुमार गौरव धड़वाड़ और पुलिस निरीक्षक अमर सिंह पाटिल के मार्गदर्शन में दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। एक टीम को जलगांव जिले के मालेगांव भेजा गया, जबकि दूसरी टीम नवी मुंबई क्षेत्र में आरोपी की तलाश में जुटी रही। जांच के दौरान पुलिस को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आरोपी अपना स्वयं का मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर रहा था और शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। तकनीकी विश्लेषण के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन बार-बार अलग-अलग जेल परिसरों में दिखाई दे रही थी, जिससे पुलिस को आरोपी के वास्तविक ठिकाने का पता लगाने में भ्रम की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद पुलिस ने धैर्य, सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार पुलिस ने आरोपी को मानपाड़ा, डोंबिवली क्षेत्र से हिरासत में ले लिया। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर है। उसके खिलाफ मानपाड़ा, राबले, एपीएमसी, पनवेल सिटी, तुर्भे, भांडुप और पवई सहित विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कुल 10 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में धोखाधड़ी (आईपीसी धारा 420), चोरी (आईपीसी धारा 379) सहित 2009 से 2025 तक के कई गंभीर आरोप शामिल हैं। नालासोपारा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त और तकनीकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।




