
पंचकूला, हरियाणा। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए वांटेड गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को अमेरिका से निर्वासित कर भारत वापस लाया है। पुलिस विभाग ने इसे अपराधियों के खिलाफ चल रहे आक्रामक अभियान की अहम कामयाबी बताया है। वर्ष 2025 से अब तक एसटीएफ द्वारा किया गया यह छठा सफल डिपोर्टेशन है, जिससे हरियाणा पुलिस की अपराध-रोधी रणनीति को नई मजबूती मिली है। अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में फायरिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से सक्रिय रहा है और वह अपना खुद का आपराधिक गिरोह चलाता था, जिसका नेटवर्क सोनीपत, रोहतक, झज्जर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ हरियाणा और दिल्ली में कुल दस गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने पूर्वी दिल्ली के पते के आधार पर फर्जी पहचान बनाकर अवैध रूप से पासपोर्ट हासिल किया और 20 जून 2024 को इसी पासपोर्ट के जरिए कुवैत होते हुए अमेरिका फरार हो गया। इस धोखाधड़ी के मामले में गोहाना में भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस निकाला गया और उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया। एसटीएफ ने इस निर्वासन को संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे लक्षित अभियान की बड़ी सफलता करार दिया है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है और जो अपराधी यह सोचते हैं कि फर्जी पहचान या देश की सीमाओं के बाहर जाकर कानून से बच जाएंगे, वे भ्रम में न रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर भगोड़ा, चाहे देश में हो या विदेश में, कानून के दायरे में लाया जाएगा और हरियाणा कानून-व्यवस्था के लिए है, अपराधियों के लिए नहीं।



