
इंद्र यादव
मुंबई। वह उम्र जब एक युवा अपने करियर और परिवार के सपनों को साकार करने की नींव रखता है, उसी उम्र में ठाणे का एक और ‘अमन’ सलाखों के पीछे पहुँच गया। मंगलवार की ठंडी सुबह, जब शहर जागने की तैयारी कर रहा था, उसी वक्त ठाणे पुलिस की कार्रवाई ने नशे के काले कारोबार की एक और कड़वी सच्चाई सामने ला दी। मुंब्रा निवासी 23 वर्षीय अमन तमीन गडकरी को ठाणे पुलिस ने 71.2 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त की गई इस ‘सफेद ज़हर’ की बाजार कीमत करीब 14.24 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई सिर्फ एक ड्रग्स की बरामदगी नहीं, बल्कि उस खतरे की चेतावनी है, जो धीरे-धीरे समाज की नसों में ज़हर घोल रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार देशमुख को कौसा इलाके में ड्रग्स की सप्लाई को लेकर एक पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया। जैसे ही अमन तय स्थान पर पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इतनी कम उम्र के युवक के पास लाखों रुपये का नशीला पदार्थ। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमन ड्रग्स कहां से लाता था और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है। वही स्थानीय नागरिक एड.राकेश सरोज ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- जब 23 साल का लड़का ऐसे अपराध में पकड़ा जाता है, तो दुख सिर्फ अपराध का नहीं होता, बल्कि उस बर्बाद होते भविष्य का होता है, जो कभी परिवार की उम्मीद हुआ करता था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है- क्या जल्दी पैसा कमाने की चाह युवाओं को इस रास्ते पर धकेल रही है? या फिर ड्रग माफियाओं का वह संगठित जाल, जिसमें मासूम आसानी से फंस जाते हैं? अमन आज जेल की चारदीवारी में है, लेकिन यह घटना ठाणे और मुंब्रा के उन तमाम परिवारों के लिए एक बड़ा ‘वेक-अप कॉल’ है, जिनके बच्चे इसी नाज़ुक उम्र के पड़ाव से गुजर रहे हैं। नशे के खिलाफ सख्ती के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता ही इस अंधेरे को रोशनी में बदल सकती है।




