
मुंबई। मुंबई शहर के कांदिवली पश्चिम इलाके में ठगी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिसकर्मी होने का नाटक कर तीन अज्ञात आरोपियों ने एक बुजुर्ग महिला से करीब एक लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने ठग लिए। यह वारदात डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के नीचे हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान प्रीमा संजीवा पुजारी (66) के रूप में हुई है, जो पिछले 25 वर्षों से कांदिवली पश्चिम में अपने परिवार के साथ रह रही हैं। वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थीं। इसी दौरान जब वह डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ से गुजर रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और उनसे कहा कि पीछे कोई उन्हें बुला रहा है। इसी बीच पीछे खड़े दूसरे आरोपी ने महिला को डराते हुए कहा कि आगे गहनों के लिए चाकू मारकर हत्या की घटना हुई है। उसने भय का माहौल बनाते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें तुरंत अपने गहने उतार देने चाहिए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए भरोसा दिलाया।
आरोपियों ने महिला को एक काली प्लास्टिक की थैली दी और कहा कि वह अपने सारे गहने उसमें रख दे। डर और भ्रम की स्थिति में आकर महिला ने अपने सभी सोने के गहने थैली में रख दिए। इसके बाद आरोपियों ने थैली वापस सौंपते हुए गहनों को सुरक्षित रखने की सलाह दी और मौके से फरार हो गए। कुछ ही देर बाद महिला को शक हुआ। जब उन्होंने थैली खोलकर देखी तो वह पूरी तरह खाली थी। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता के मुताबिक, इस वारदात में तीन आरोपी शामिल थे—दो आरोपी सीधे उनसे बात कर रहे थे, जबकि तीसरा थोड़ी दूरी पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। तीनों ने पुलिसकर्मी बनकर उनका भरोसा जीता और ठगी को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। मुंबई पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों, से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताए तो पहचान पत्र देखे बिना भरोसा न करें। किसी भी हालत में गहने या कीमती सामान अजनबियों को न सौंपें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।




