
नांदेड। “हिंद-दी-चादर” श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी समागम वर्ष के अवसर पर नांदेड में 24 और 25 जनवरी को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से कुल 25 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर राहुल कर्डिले ने सभी समितियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों का समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। वे जिला कलेक्टर कार्यालय के नियोजन भवन सभागृह में आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. रत्नाकर गायकवाड, निवासी उपजिलाधिकारी किरण अंबेकर, मुख्यमंत्री कार्यालय के जगदीश सकवान, मुख्यमंत्री सहायता निधि के राज्य समन्वयक डॉ. रितेश पाटील, गुरुद्वारा बोर्ड के अधीक्षक हरजीत सिंह कडेवाले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न समितियों के प्रमुख और सदस्य उपस्थित थे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार के अल्पसंख्यक विकास विभाग, “हिंद-दी-चादर” श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी 350वीं शहीदी समागम समिति तथा सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, मोहियाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासीन संप्रदाय और भगत नामदेव वारकरी समाज के संयुक्त तत्वावधान में मामा चौक स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग के मैदान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में नांदेड जिले सहित आसपास के 11 जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन की सुचारू व्यवस्था के लिए जागरण, मैदान व मंडप, परिवहन, सुरक्षा, स्वयंसेवक, अतिथि स्वागत, लंगर व भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा सेवा, विद्युत व ध्वनि, प्रचार व मीडिया, वित्तीय, जलापूर्ति, महिला सेवा, वरिष्ठ नागरिक, निवास व्यवस्था, प्रदर्शनी सहित कुल 25 समितियों का गठन किया गया है।
जिला कलेक्टर राहुल कर्डिले ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों, समितियों और समाजों के समन्वय से “हिंद-दी-चादर” शहीदी समागम कार्यक्रम न केवल सफल होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी और स्मरणीय भी सिद्ध होगा।




