
छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर ज़िले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां कथित तौर पर एक सेवारत पुलिस कांस्टेबल की हत्या कर उसके शव को उसी के घर में दफना दिया गया। पुलिस को इस जघन्य वारदात में मृतक के ही परिवार के कुछ सदस्यों की संलिप्तता का संदेह है। मृतक की पहचान नानासाहेब रामजी दिवेकर (47) के रूप में हुई है। वे वैजापुर तालुका के बलहेगाँव गाँव के निवासी थे और देवगाँव रंगारी पुलिस स्टेशन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिवेकर पिछले दो दिनों से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे और अचानक लापता हो गए थे। उनके मोबाइल फोन बंद होने और कोई संपर्क न होने के कारण परिजनों व सहकर्मी पुलिसकर्मियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। रविवार को पुलिस को बलहेगाँव स्थित दिवेकर के पैतृक घर से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। सूचना के आधार पर शिउर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुँची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर के परिसर में एक ताजा खुदा हुआ गड्ढा दिखाई दिया। जब गड्ढे की खुदाई की गई, तो उसमें दिवेकर का शव दफन अवस्था में मिला। शव को छिपाने का तरीका देखकर पुलिस को आशंका है कि हत्या पूर्व नियोजित थी। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे। पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना से पूरे ज़िले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि मृतक स्वयं एक सेवारत पुलिसकर्मी था। मौके पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार राठौड़ ने स्वयं पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्थानीय अपराध शाखा को भी जांच में लगाया गया है। साक्ष्य जुटाने के लिए खोजी कुत्तों की टीम को तैनात किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारण, घटना के समय और तरीके के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए हर पहलू से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।




