Sunday, February 22, 2026
Google search engine
HomeCrimeकर्ज़ में डूबे किसान के वायरल वीडियो से अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी रैकेट...

कर्ज़ में डूबे किसान के वायरल वीडियो से अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी रैकेट का हुआ खुलासा, दो डॉक्टर गिरफ्तार

चंद्रपुर/नई दिल्ली। कर्ज़ के बोझ तले दबे एक किसान के वायरल वीडियो ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारत से लेकर कंबोडिया तक फैले एक बड़े अंतर-राज्य और अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट जरूरतमंद मरीजों से एक किडनी के लिए 50 लाख से 80 लाख रुपये तक वसूलता था, जबकि गरीब और मजबूर डोनर्स को सिर्फ 5 से 8 लाख रुपये ही दिए जाते थे। मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के चंद्रपुर से हुई, जहां किसान रोशन कुडे ने एक वीडियो जारी कर यह कबूल किया कि उसने साहूकारों का कर्ज़ चुकाने के लिए कंबोडिया जाकर अपनी किडनी 8 लाख रुपये में बेच दी थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गहन जांच शुरू की गई। जांच का दायरा बढ़ते-बढ़ते दिल्ली, तमिलनाडु और कंबोडिया तक पहुंच गया। चंद्रपुर पुलिस की जांच में एक संगठित सिंडिकेट का खुलासा हुआ, जिसमें एजेंटों के साथ-साथ मेडिकल पेशेवरों की संलिप्तता भी सामने आई। इस मामले में तिरुचिरापल्ली (त्रिची) स्थित स्टार केआईएमएस अस्पताल के दो डॉक्टर- डॉ. राजारत्नम गोविंदस्वामी और डॉ. रविंदर पाल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर आरोप है कि वे किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूलते थे, जबकि डोनर्स को उसका बेहद छोटा हिस्सा दिया जाता था। चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक सुदर्शन मुम्मका ने बताया कि मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से एजेंटों, डोनर्स और डॉक्टरों के बीच एक जटिल नेटवर्क का पता चला है। पुलिस उन अस्पतालों की भी पहचान कर रही है, जिनका कथित तौर पर अवैध सर्जरी के लिए इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि रोशन कुडे एक सोशल मीडिया आधारित ‘किडनी डोनर कम्युनिटी’ पेज के संपर्क में आया था, जिसके जरिए उसे कंबोडिया ले जाया गया। साहूकारों की जांच के दौरान सोलापुर के ‘कृष्णा’ नाम के एक नकली डॉक्टर की भूमिका भी उजागर हुई, जो एजेंट के रूप में काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, कृष्णा खुद कभी इस रैकेट का शिकार था और बाद में कमीशन के लालच में 10 से 12 लोगों को कंबोडिया ले जाकर उनकी किडनी निकलवाने में शामिल हो गया। पुलिस का कहना है कि त्रिची के जिस अस्पताल में डॉ. राजारत्नम कार्यरत थे, वहां कई अवैध ट्रांसप्लांट किए जाने के संकेत मिले हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नेटवर्क से जुड़े अन्य अस्पतालों, एजेंटों और मेडिकल पेशेवरों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments