
सांगली। सांगली जिले के मिराज तालुका के बोलवाड़ गांव में गन्ने के खेत में मिली एक महिला की सड़ी-गली लाश के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्याकांड की गुत्थी एक रेलवे टिकट के जरिए सुलझी, जिसके आधार पर पुलिस ने मृतका के दूसरे पति और उसके ससुर को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी ३५ वर्षीय नीतू उर्फ शालिनी आकाश यादव के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि उसकी हत्या उसके दूसरे पति २४ वर्षीय आकाश उर्फ विशाल दीनदयाल यादव और उसके पिता ५५ वर्षीय दीनदयाल रामाबली यादव ने मिलकर की थी। पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे ने बताया कि २३ दिसंबर २०२५ को कुमार पाटिल के गन्ने के खेत में महिला का शव मिला था। शव अत्यधिक सड़-गल चुका था और सिर का हिस्सा जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के कारण पहचान करना बेहद कठिन हो गया था। मौके से कोई स्पष्ट सुराग न मिलने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण बन गई, जिसके बाद लोकल क्राइम ब्रांच को समानांतर जांच सौंपी गई। जांच के दौरान घटनास्थल के पास पुणे से मिराज का एक रेलवे टिकट मिला, जो इस मामले का अहम सुराग साबित हुआ। इसके बाद मिराज रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पीड़िता के हुलिए से मेल खाती एक महिला दो पुरुषों के साथ दिखाई दी। आगे की जांच में विक्रेताओं, कुलियों और ऑटो रिक्शा चालकों से पूछताछ की गई। एक मिठाई विक्रेता ने याद किया कि उसने तीनों के लिए ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की थी, जबकि एक ऑटो चालक ने उन्हें टाकली गांव के पास छोड़ने की बात बताई। तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस को जौनपुर जिले से जुड़े मोबाइल नंबर मिले। इसके बाद उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पुलिस टीमें भेजी गईं, जहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नीतू के चरित्र पर शक करते थे और उसके द्वारा पहले उनके खिलाफ दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत को लेकर नाराज थे। इसी रंजिश के चलते १६ दिसंबर को आरोपियों ने गन्ने के खेत में नीतू का गला घोंटकर हत्या कर दी और फरार हो गए। लगातार तकनीकी, स्थानीय और अंतरराज्यीय जांच के जरिए पुलिस ने महज आठ दिनों के भीतर इस जघन्य अपराध का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस कार्रवाई को विभिन्न राज्यों की टीमों के समन्वय से मिली बड़ी सफलता बताया है।




