
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के नामांकन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका। शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) ने नार्वेकर पर पुलिस के जरिए दबाव बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद 30 दिसंबर 2025 को शाम 4 बजे के बाद सामने आया, जब नामांकन की समय-सीमा समाप्त होने से ठीक पहले मुंबई के वार्ड क्रमांक 224 से 227 के लिए पर्चा दाखिल करने पहुंचे विपक्षी उम्मीदवारों को कथित तौर पर रोका गया। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें राहुल नार्वेकर को उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। वंचित बहुजन अघाड़ी के नेता परिचय भोईर ने आरोप लगाया कि नार्वेकर अपने सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के साथ रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के कार्यालय में मौजूद थे, जहां अनावश्यक भीड़ बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों को जबरन आरओ के केबिन के अंदर भेजा गया और बाद में पुलिस के जरिए उन्हें बाहर निकाल दिया गया, ताकि देरी का बहाना बनाकर नामांकन खारिज किया जा सके। शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने मामले को और गंभीर बनाते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय से 30 दिसंबर की शाम 4 बजे के बाद की सीसीटीवी फुटेज गायब कर दी गई है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस पूरे घटनाक्रम में स्वयं विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका आरोपों के घेरे में है, तो फुटेज कैसे और क्यों गायब हुई। आम आदमी पार्टी की ओर से प्रवक्ता रूबेन मस्कारेन्हास ने कहा कि वार्ड 227 से उनकी उम्मीदवार डॉ. लॉरा डिसूजा और मार्गरेट डिकोस्टा को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नार्वेकर जानबूझकर निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के भीतर बैठ गए थे, ताकि विपक्षी उम्मीदवारों को देरी का सामना करना पड़े। आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने भी इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और पार्टी ने जरूरत पड़ने पर बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को पत्र लिखकर राहुल नार्वेकर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा पुलिस के जरिए विपक्षी उम्मीदवारों को डराना लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है और यह सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने का मामला है। इस बीच, महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बृहन्मुंबई नगर निगम के आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं, राहुल नार्वेकर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी संभावित हार से घबराकर झूठा नैरेटिव गढ़ रहे हैं। उल्टा दावा करते हुए नार्वेकर ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने ही उन्हें घेरकर धमकी दी थी। बीएमसी चुनाव से पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सभी की निगाहें राज्य चुनाव आयोग की रिपोर्ट और आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




