
मुंबई। स्वास्थ्य सेवा आयुक्तालय, मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 195 चिकित्सा अधिकारियों को सेवा-खंड अवधि क्षमापित किए जाने के पत्र सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर के हाथों वितरित किए गए। लगभग 20 वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान पर चिकित्सा अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि चिकित्सकों को जनता को और बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को उनके वैध अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सकारात्मक है। हाल ही में 150 चिकित्सकों को सेवा-खंड क्षमापन दिया गया था। अब तक कुल 345 चिकित्सा अधिकारियों को पत्र वितरित किए जा चुके हैं। शेष पात्र अधिकारियों को आगामी एक माह के भीतर सेवा-खंड क्षमापन पत्र प्रदान किए जाएंगे, यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री ने दी। इस ऐतिहासिक निर्णय से चिकित्सा अधिकारियों की सेवा को निरंतर सेवा के रूप में मान्यता मिलेगी, जिससे उन्हें वेतन, पदोन्नति एवं अन्य प्रशासनिक तथा आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे। इस फैसले से चिकित्सा अधिकारियों में संतोष का वातावरण है। स्वास्थ्य विभाग में 2009 से पहले अस्थायी आधार पर कार्यरत अनेक चिकित्सा अधिकारियों को उसी वर्ष शासकीय सेवा में समायोजित किया गया था, किंतु सेवा-खंड अवधि क्षमापित न होने के कारण वे विभिन्न लाभों से वंचित रह गए थे। चिकित्सा अधिकारियों की संगठनों द्वारा इस संबंध में लंबे समय से मांग की जा रही थी। इसके अनुरूप स्वास्थ्य मंत्री ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी पात्र अधिकारियों को सेवा-खंड क्षमापन देने का निर्णय लिया। मंत्री आबिटकर ने कहा कि इस निर्णय से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। नक्सल प्रभावित, आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन के साथ विशेष प्रोत्साहन देने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपजिला अस्पतालों और जिला अस्पतालों में महात्मा फुले जन आरोग्य योजना लागू है, जिसके अंतर्गत उपचार हेतु मान्य बीमारियों की संख्या बढ़ाकर 2399 कर दी गई है। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। कार्यक्रम में उपसचिव केंद्रे, सहसंचालक राजेंद्र भालेराव, अवर सचिव गायकवाड, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कारेगांवकर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




