
जुहू पुलिस ने दर्ज किया तोड़फोड़ और हंगामे का मामला
मुंबई। जुहू पुलिस ने कूपर अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ करने के आरोप में हनीफ शेख (34) और उसके कई रिश्तेदारों के खिलाफ बुधवार रात एफआईआर दर्ज की है। यह घटना हनीफ की पत्नी की मौत के बाद हुई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, अंधेरी वेस्ट के जुनैद नगर की रहने वाली 31 वर्षीय गृहिणी शबाना शेख को उनके घर पर बिजली का झटका लगा, जिसके बाद वह डीएन नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित एक रिहायशी इमारत की पहली मंजिल की खिड़की से गिर गईं। उन्हें रात करीब 10.30 बजे कूपर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में हंगामा
पत्नी की मौत की सूचना मिलते ही पति हनीफ शेख और उनके रिश्तेदार कथित तौर पर गुस्से में आ गए। उन्होंने कैजुअल्टी वार्ड में चिल्लाना शुरू कर दिया और कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की, जिससे अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों में दहशत फैल गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी भी डॉक्टर या स्टाफ सदस्य पर शारीरिक हमला नहीं किया गया। कूपर अस्पताल प्रशासन ने इलाज में देरी के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, मरीज को जब लाया गया तब वह किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी और प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत जांच की गई। पोस्टमार्टम की सलाह भी दी गई थी।
परिजनों ने शव आयुर्वेद अस्पताल ले जाने का किया प्रयास
हालांकि, मृतका के परिवार ने कथित तौर पर पोस्टमार्टम से इनकार करते हुए जबरदस्ती शव को ऑटो-रिक्शा में पास के एक आयुर्वेद अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने फिर से उसे मृत घोषित कर दिया। कूपर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. देव शेट्टी ने बताया कि मौत की जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति बिगड़ी और रात की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया। ऑटो-रिक्शा चालक हनीफ शेख ने आरोप लगाया कि कूपर अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत इलाज नहीं किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी सभा से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हनीफ को नोटिस देकर पत्नी का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई है। बाद में शव को फिर कूपर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। गौरतलब है कि नवंबर 2025 के दूसरे सप्ताह में भी इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर हमला किया था। उस घटना के बाद बीएमसी ने निजी सुरक्षा एजेंसी को हटाकर अपने सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे। बावजूद इसके, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों में भय का माहौल बना हुआ है।




