
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति में सीट बंटवारे को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले गुट) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने खुली नाराज़गी जताई है। अठावले ने आरोप लगाया कि बीएमसी चुनाव को लेकर चल रही बातचीत में आरपीआई को उसका उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मुंबई में 26 सीटों का प्रस्ताव है, जिनमें से कम से कम 15 से 16 सीटें आरपीआई को मिलनी चाहिए, साथ ही उपमहापौर पद भी दिया जाना चाहिए। अठावले ने बताया कि उन्होंने 26 सीटों की सूची पहले ही भाजपा को सौंप दी है, जो भाजपा विधायक अमित साटम को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भाजपा कोटे से आरपीआई को कौन-कौन सी सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के 73 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया है और मुंबई में आरपीआई की संगठनात्मक ताकत मजबूत है। अठावले ने याद दिलाया कि 2012 में राज ठाकरे की चुनौती के समय भी आरपीआई भाजपा के साथ खड़ी रही थी, लेकिन आज पार्टी को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी बाबासाहेब आंबेडकर की विचारधारा की पार्टी है और उसे अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए। वंचित बहुजन आघाड़ी के कांग्रेस के साथ जाने के बाद दलित वोटों को महायुति के साथ बनाए रखने में आरपीआई की भूमिका को अहम बताते हुए अठावले ने मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का समय मांगा है ताकि सीट बंटवारे पर बातचीत तेज हो सके। इस बीच भाजपा नेता प्रवीण दरेकर अठावले की नाराज़गी दूर करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे और कहा कि रामदास अठावले महायुति परिवार का अहम हिस्सा हैं, उनका पूरा सम्मान किया जाएगा और मुख्यमंत्री स्वयं इस विषय पर ध्यान दे रहे हैं। दरेकर ने यह भी स्पष्ट किया कि सीटों को लेकर बातचीत जारी है और अठावले द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।



