
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा के ‘हिंदुओं को तीन-चार बच्चे पैदा करने चाहिए’ वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। इस बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ा और व्यंग्यात्मक जवाब दिया है। एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- वो पहले अपने पति से इस बारे में बात करें, अपने बच्चे बढ़ाएं, फिर अपने पड़ोसियों को कन्विन्स करें। जो अपने पति और पड़ोसियों को कन्विन्स नहीं कर सकते, वे देश की महिलाओं को कन्विन्स करना बंद करें।
नवनीत राणा ने क्या कहा था?
नवनीत राणा ने अपने बयान में तर्क दिया था कि बड़ी आबादी के जरिए देश को ‘पाकिस्तान में बदलने’ की कथित साजिशों का मुकाबला करने के लिए हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा,
‘मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि उनकी चार पत्नियां और १९ बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें भी कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने आगे कहा- मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके १९ बच्चे और चार पत्नियां हैं और वह ३० बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाया। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं?’
उद्धव-राज संभावित गठबंधन पर भी तंज
इस दौरान नवनीत राणा ने शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच बीएमसी चुनाव को लेकर संभावित गठबंधन को भी तवज्जो नहीं दी। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा- उद्धव ठाकरे बेबसी का पर्याय बन गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बाहर तक नहीं निकाला। अगर कोई उद्धव ठाकरे के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनाव से भी बदतर होगा। नवनीत राणा के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने इसे न केवल भड़काऊ बल्कि महिलाओं की स्वतंत्रता और निजी निर्णयों में राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया है। वहीं, प्रियंका चतुर्वेदी के जवाब को महिला अधिकारों और व्यक्तिगत आज़ादी की मुखर आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है।




