
मुंबई। पुराने पुणे-मुंबई राजमार्ग पर गुरुवार सुबह वारकरी दिंडी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के बाद राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है। हादसे में घायल हुए सभी वारकरी परिवारों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया गया। घटना के तुरंत बाद, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन उपचार आदेश (Emergency Treatment Intimation – ETI) प्रक्रिया सक्रिय कर दी। घायलों को कुछ ही मिनटों में महावीर अस्पताल, कामशेत में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने त्वरित चिकित्सा शुरू की। गंभीर रूप से घायलों के लिए सर्जरी और आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ तत्काल शुरू की गईं। सरकार की योजनाओं के तहत मरीजों को दवाइयाँ, सर्जरी, जाँच और अस्पताल सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिससे किसी को भी आर्थिक बोझ नहीं झेलना पड़ा। अस्पताल प्रशासन, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से राहत कार्य को तेजी से पूरा किया।
स्वास्थ्य योजनाओं ने निभाई सामाजिक सुरक्षा की भूमिका
इस दुर्घटना ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाएँ न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण और वारकरी समुदायों तक भी प्रभावी रूप से पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस अवसर पर जिस संवेदनशीलता और दक्षता का परिचय दिया, उसने सरकार के संकल्प- “स्वास्थ्य का अधिकार, सभी के लिए” को साकार किया है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया कि हर घायल को उपचार, दवा और देखभाल की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएँ तुरंत मिलें। इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि आपदा या दुर्घटना के समय सरकारी स्वास्थ्य तंत्र नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है। इस पूरी कार्रवाई ने न केवल सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण से किसी भी संकट की घड़ी में नागरिकों को समय पर राहत और सुरक्षा दी जा सकती है।




