
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार का शोर आज शाम थम गया। इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है, जबकि सभी 243 सीटों के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। दूसरे चरण में कुल 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें एक करोड़ 95 लाख 44 हजार 41 पुरुष, एक करोड़ 74 लाख 68 हजार 572 महिला और 943 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 7 लाख 69 हजार 356 मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, 6255 मतदाता 100 वर्ष से अधिक आयु के हैं, जबकि 43 एनआरआई और 63 हजार 373 सेवा मतदाता भी शामिल हैं।
इस चरण में कुल 45399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40073 ग्रामीण और 5326 शहरी बूथ हैं। इनमें 45388 सामान्य और 11 सहायक बूथ शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, 122 सीटों में से 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। सबसे अधिक उम्मीदवार तीन विधानसभा क्षेत्रों* कैमूर के चैनपुर, रोहतास के सासाराम और गया के गया शहर में हैं, जहां 22-22 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं, सबसे कम प्रत्याशी 6 विधानसभा क्षेत्रों में हैं। पश्चिम चंपारण के लोरिया और चनपटिया, पूर्वी चंपारण के रक्सौल और सुगौली, सुपौल के त्रिवेणीगंज और पूर्णिया के बनमनखी में, जहां सिर्फ 5-5 उम्मीदवार मैदान में हैं। दूसरे चरण में कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। इनमें नीतीश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), लेसी सिंह (धमदाहा), पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी (बेतिया), मंत्री शीला मंडल (फुलपरास) और राज्य सरकार के एकमात्र मुस्लिम मंत्री जमा खान (चैनपुर) शामिल हैं। चुनाव प्रचार के दौरान सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी। एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापक रैलियां कीं। वहीं, महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रचार किया। इसके अलावा जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर, बसपा प्रमुख मायावती और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस चरण में सीमांचल, चंपारण, मिथिलांचल और मगध जैसे अहम क्षेत्रों में वोटिंग होगी। मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच माना जा रहा है, हालांकि जन सुराज और एआईएमआईएम जैसे दलों की मौजूदगी ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 65प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या दूसरे चरण में मतदाता उस रिकॉर्ड को तोड़ते हैं। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी।




